Breaking News :
govt-ads

खाकी सोई, ‘प्रधान’ का सट्टा साम्राज्य जागा: रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में श्मशान की राह पर युवाओं की जिंदगी

Blog
 Image

रुद्रपुर। जनता के विश्वास का प्रतीक माने जाने वाले प्रधान जैसे नाम पर यदि जुआ-सट्टे के अवैध कारोबार की चर्चाएं सामने आएं, तो सवाल उठना लाज़िमी है। जिस पद या नाम को लोगों के विकास, सुरक्षा और जनहित की उम्मीद होती है, उसी नाम पर ऐसे गंभीर आरोप लगें, तो सवाल उठाना स्वाभाविक है। ऊधम सिंह नगर के जिलामुख्याल रुद्रपुर स्थित ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में श्मशान भूमि रोड के पास कथित जुआ-सट्टा गतिविधियों को लेकर उठ रही चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें पुलिस की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, ट्रांजिट कैंप में श्मशान भूमि रोड की ओर जाने वाली सड़क पर एक होटल और ईंट-भट्ठे के पास स्थित संकरी गली में  जुऐ और सट्टे का अवैध कारोबार सरेआम संचालित हो रहा है। दावों के मुताबिक, 'प्रधान' नाम से जाना जाने वाला यह व्यक्ति पूरे बेखौफ अंदाज में इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजाना दर्जनों युवा और मजदूरी करने वाले लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस नेटवर्क के चंगुल में फंस रहे हैं। जो रास्ता श्मशान भूमि की ओर जाता है, वही रास्ता अब दर्जनों परिवारों के आर्थिक और सामाजिक विनाश का जरिया बन चुका है। सट्टा और जुआ केवल पैसों के लेन-देन का खेल नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में अपराध, कर्ज, घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। आर्थिक दबाव में आकर युवा या कोई भी व्यक्ति अपराध के रास्तों पर भटकने को मजबूर हैं। सबसे गंभीर और चौंकाने वाला सवाल यह है कि यदि एक गली में खुलेआम यह कारोबार चल रहा है, तो स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिस अधिकारी क्या कर रहे हैं? चर्चा यह भी है कि आरोपी अपने सामाजिक और कथित प्रभाव के दम पर निडर होकर गतिविधियां चला रहा है। हालांकि, बिना पुलिस जांच के इन दावों पर अंतिम मुहर नहीं लगाई जा सकती, लेकिन यदि इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो यह खाकी के इकबाल पर गहरा धब्बा है।

ट्रांजिट कैंप के श्मशान भूमि रोड के पास कथित जुआ-सट्टा गतिविधियों की चर्चा ने पुलिस के सामने जांच का सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर अवैध गतिविधियों की वास्तविकता पता लगाना जरूरी है, तो दूसरी ओर बिना प्रमाण किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से बचना भी उतना ही आवश्यक है। अब देखना होगा कि पुलिस संबंधित स्थान की जांच कर इन दावों की पुष्टि करती है या उन्हें निराधार पाती है। यदि अवैध कारोबार के प्रमाण मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि आरोपों में सच्चाई नहीं मिलती, तो तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। आखिर श्मशान भूमि रोड के पास चल क्या रहा है? यही वह सवाल है, जिसका जवाब स्थानीय लोगों को जांच से मिलना चाहिए। निष्पक्ष पड़ताल, साक्ष्य आधारित कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने ला सकती है।