रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ढंडेरा में हुई शराब कैंटीन संचालक अमन की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से लगातार सुराग तलाश रही पुलिस टीम और बाइक सवार बदमाशों के बीच नगला इमरती क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें मुख्य आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को तुरंत उपचार के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मौके से फरार हुए उसके दो अन्य साथियों को भी पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 21 अगस्त की देर रात सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में 26 वर्षीय शराब कैंटीन संचालक अमन की बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ अंधाधुंध फायरिंग कर निर्मम हत्या कर दी थी। सरेराह हुई इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस और एसओजी की अलग-अलग विशेष टीमें गठित की गई थीं।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीमों को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि नगला इमरती गांव के पास एक बाइक पर तीन संदिग्ध युवक सवार होकर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में नाकेबंदी की और बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली मुख्य आरोपी के पैर में जा लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे।मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। घायल बदमाश को तुरंत रुड़की के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी पहचान सौरभ पुत्र देशराज (निवासी ढंडेरा) के रूप में हुई है, जो अमन हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। अस्पताल में शुरुआती पूछताछ के दौरान सौरभ ने स्वीकार किया कि ढंडेरा में अमन की हत्या में वह और उसके दो अन्य साथी शामिल थे। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास के जंगलों और संभावित रास्तों पर सघन कांबिंग अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान फरार हुए दोनों अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान अर्पित सैनी (उम्र 19 वर्ष) पुत्र कुलबीर सैनी (निवासी ग्राम ठसका, कोतवाली मंगलौर) और दीप यादव (उम्र 19 वर्ष) पुत्र जोगिंदर यादव (निवासी माता वाला हसन बाग, कस्बा लंढौरा, कोतवाली मंगलौर) के रूप में हुई है। पुलिस तीनों आरोपियों से हत्या के पीछे के मुख्य कारणों को लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी तरफ, रुड़की पुलिस ने ज्वालापुर क्षेत्र में कांवड़ मेले के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर चेन झपटमारी करने वाले दो शातिर बदमाशों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से झाड़ियों में छिपाकर रखी गई पीली धातु (सोने) की चेन बरामद की है। पकड़ा गया आरोपी शिवम गुप्ता बेहद शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 13 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके दूसरे साथी राहुल का भी पुराना आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले हैं और मेले के दौरान वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे।

