ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने से स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया है। सत्ता पक्ष से जुड़े एक पदाधिकारी पर इस तरह की कार्रवाई को लेकर न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई को राजनीतिक अपराध के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें एक प्रभावशाली राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति का नाम सामने आया है।
जानकारी के अनुसार,विद्युत वितरण खण्ड रुद्रपुर के उपखण्ड अधिकारी अन्नू अरोड़ा की तहरीर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरज गुप्ता के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ट्रांजिट कैंप स्थित मंडल अध्यक्ष के कार्यालय में अवैध केबिल के माध्यम से सीधे लाइन से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान लगभग 10 मीटर अवैध केबिल बरामद की गई, जिसे मौके पर ही उतरवाकर सील किया गया और फर्द तैयार की गई। यह कार्रवाई 30 जनवरी को यूपीसीएल और विजिलेंस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए व्यापक अभियान का हिस्सा थी। टीम ने खेड़ा, दरियानगर और ट्रांजिट कैंप क्षेत्रों में करीब 201 परिसरों की जांच की, जिसमें 41 स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए। इनमें मीटर बाईपास, अवैध कनेक्शन, सीधे लाइन से बिजली खींचना और जानबूझकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इन सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि कुछ मामलों में जुर्माना और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरज गुप्ता का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि जब सत्ता पक्ष के जिम्मेदार पदाधिकारी ही कानून तोड़ते पाए जा रहे हैं, तो आम जनता से कानून पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। वहीं, कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस कार्रवाई को लेकर असहजता देखी जा रही है। हालांकि, विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरी तरह नियमित और शिकायतों के आधार पर चलाया गया था तथा किसी भी व्यक्ति के साथ न तो भेदभाव किया गया है और न ही राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या राजनीतिक पदाधिकारी। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे प्रकरण ने रुद्रपुर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक निहितार्थ और गहरे हो सकते हैं।

