मुख्यमंत्री धामी का जोहड़ी दौरा: दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है पूरी सरकार

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देहरादून। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का बुधवार को जोहड़ी गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं दिवंगत ब्रिगेडियर के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “आम जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रदेश में पहले ही अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू कर दिया गया है। अवांछित तत्वों और हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में यह दर्दनाक घटना हुई। नाइट क्लब ‘जेन जी क्लब’ में बिल को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो मारपीट और फिर गोलीबारी तक पहुंच गया। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो कार में सवार युवकों ने क्लब संचालक और स्टाफ की फॉर्च्यूनर कार पर फायरिंग कर दी। ठीक उसी समय मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी गोलीबारी की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें पूरी घटना दर्ज है। पुलिस ने मामले में एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस घटना के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। विपक्ष ने मुख्यमंत्री धामी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर घटना की निंदा की और सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। कुठालगेट चौकी प्रभारी अशोक कुमार और उप आबकारी निरीक्षक सोबन सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। डीजीपी दीपम सेठ ने खुद मामले की निगरानी संभाल रखी है। ब्रिगेडियर मुकेश जोशी भारतीय सेना में सेवा दे चुके सम्मानित अधिकारी थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि ब्रिगेडियर रोज सुबह वॉक करने निकलते थे। उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक क्लब विवाद उनकी जान ले लेगा। मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी से परिवार को कुछ तसल्ली मिली। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्याय मिलने तक कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में हाल के महीनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। देर रात चल रहे बार-पब्स, रोड रेज और अनियंत्रित फायरिंग जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब सघन चेकिंग, हॉटस्पॉट पर पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने और लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती से ही अपराध पर अंकुश लग सकता है। सीएम धामी का यह दौरा और सख्त संदेश स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गंभीर है। जनता अब उम्मीद कर रही है कि ब्रिगेडियर जोशी जैसी घटनाएं भविष्य में न दोहराई जाएं और देवभूमि में शांति-व्यवस्था बहाल हो।