सहसपुर में भीषण आग का तांडव: चूल्हे की चिंगारी ने छह गुर्जर परिवारों को किया सड़क पर

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देहरादून जिले के सहसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्राकॉलोनी मेदनीपुर में रविवार को चूल्हे की एक छोटी सी चिंगारी ने काल का रूप ले लिया। गुर्जर बस्ती में स्थित घास-फूस के कच्चे घरों में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और छह परिवारों का आशियाना पूरी तरह राख कर दिया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये के घरेलू सामान के साथ ही करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी भी जलकर स्वाहा हो गई।

सहसपुर थाने के एसएसआई मनमोहन सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण रसोई की चिंगारी सामने आया है। दरअसल, घटना के समय घरों के बड़े सदस्य पास के खेतों में गेहूं की कटाई के लिए गए हुए थे और घरों में केवल बच्चे ही मौजूद थे। इसी दौरान एक घर की रसोई से निकली चिंगारी ने पास में रखे सूखे घास-फूस को पकड़ लिया। गर्मी और हवा के चलते आग ने तत्काल विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक छह घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें आसमान छूती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सहसपुर थाना, सभावाला चौकी पुलिस और फायर सर्विस की दो गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। स्थानीय ग्रामीणों और दमकल कर्मियों ने घंटों पसीना बहाने के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और दमकल की मुस्तैदी से पास स्थित अन्य घरों और डेरों को जलने से बचा लिया गया, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। इस अग्निकांड में मुस्तका पुत्र कासिम, सदाम, याकूब, यामीन, जाफर और बसीर के घर पूरी तरह जल गए हैं। ये परिवार मवेशी पालकर और मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन बसर करते थे। पीड़ितों ने बताया कि उनके पास जीवन यापन के लिए जो कुछ भी था, वह सब इस आग की भेंट चढ़ गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। एसएसआई मनमोहन सिंह ने पुष्टि की है कि आग से करीब छह घरों का घरेलू सामान और डेढ़ लाख की नकदी जल गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुँचकर पीड़ितों को सांत्वना दी और सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।