सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में देहरादून में कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन

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देहरादून/पटना। NEET परीक्षा और छात्रों के मुद्दों को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब इसका असर उत्तराखंड की राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। देहरादून में महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया, जबकि रुद्रप्रयाग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर विरोध जताया। वहीं, राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देर रात भारी बारिश के बीच राजभवन कूच किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। उधर, बिहार की राजधानी पटना में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। यहां कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव और लाठीबाजी की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया।

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
उधर, बिहार की राजधानी पटना में NEET विवाद और राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में बीजेपी के देशव्यापी अभियान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम का घेराव करने के लिए मार्च कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान पथराव और लाठीबाजी की भी जानकारी सामने आई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जाने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। बीजेपी की ओर से यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन के विरोध में आयोजित किया गया था। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के प्रदर्शन को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया।

देहरादून में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड महानगर कांग्रेस के कार्यकर्ता देहरादून में सड़क पर उतरे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐस्ले हॉल चौक पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से कथित लाठीचार्ज किया गया, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है। छात्रों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों के साथ सरकार को संवाद करना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देर रात राजभवन कूच
इधर, दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया। देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से राजभवन घेराव और प्रदर्शन किए गए। उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में मंगलवार देर रात भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर कूच किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से रोका गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राहुल गांधी सदन में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इसके बाद जब विपक्षी नेता लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री आवास की ओर पहुंचे तो उन्हें हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

रुद्रप्रयाग में भी कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की हिरासत के विरोध में रुद्रप्रयाग में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य बाजार में एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और हिरासत की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्र NEET परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में असंतोष है तो सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करना जारी रखा तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में आंदोलन को और व्यापक करेगी।