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पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन के बाद उत्तराखंड नेताओं ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की

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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व केंद्रीय परिवहन मंत्री, रिटायर्ड मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (बीसी खंडूड़ी) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। एक सैन्य अधिकारी से लेकर देश और राज्य के शीर्ष राजनीतिक पदों को सुशोभित करने वाले खंडूड़ी जी के जाने पर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक, हर कोई उनकी शुचिता और देशसेवा को नमन कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समेत देश के तमाम दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के इस सच्चे सिपाही को याद करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा। पीएम ने कहा मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने देहरादून यात्रा के दौरान खंडूड़ी जी से हुई अपनी हालिया मुलाकात को याद करते हुए कहा कि देश ने एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्य निष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है। स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के माध्यम से देश का बुनियादी ढांचा बदलने में उनका योगदान इतिहास में मील का पत्थर रहेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि खंडूड़ी जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और सुशासन के उच्च आदर्शों के प्रति समर्पित कर दिया। उत्तराखंड की विकास यात्रा और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्री के रूप में उनकी भूमिका को देश हमेशा याद रखेगा। खंडूड़ी जी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि विरोधी दल के नेता भी उनकी ईमानदारी और कार्यशैली के कायल थे। उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, "उनका निधन बहुत बड़ी क्षति है। वह जितने शानदार सैनिक थे, उतने ही शानदार इंसान भी थे। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गहरा शोक जताते हुए उनसे जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और भावुक वाकया साझा किया। गोदियाल ने बताया जब खंडूड़ी जी केंद्र में सड़क परिवहन मंत्री थे, तब मैं कांग्रेस में था। पौड़ी जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का प्रस्ताव था। विपक्षी दल का होने के बावजूद जब मैं यह प्रस्ताव लेकर उनके पास गया, तो उन्होंने दलगत राजनीति को किनारे रख दिया। उन्होंने तुरंत अपने अधिकारी प्रभात कुमार सारंगी को वह फाइल सौंपी और कहा कि 'अगर यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग बनेगी तो इस क्षेत्र का बहुत विकास होगा।' उनकी सोच हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सिर्फ जनविकास की होती थी। कांग्रेस विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से गहरा शोक प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। सेना से लेकर सियासत तक बेदाग रहे 'जनरल' का जाना वास्तव में भारतीय राजनीति के एक सुनहरे और अनुशासित अध्याय का अंत है।