देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में प्रदेश के बहुआयामी विकास और विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट फैसलों की विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता, युवा प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सेवा विस्तार और जन-सेवा के संकल्प को धरातल पर उतारने वाले साबित होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाकर सरकार ने प्रशासनिक सुधार, युवाओं, खिलाड़ियों, चिकित्सा क्षेत्र और जनभागीदारी से जुड़े कई मुद्दों को एक साथ साधने की कोशिश की है। बैठक के फैसलों में जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नियुक्तियों का रास्ता साफ किया गया है, वहीं मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने और अधिवक्ताओं के मानदेय की दरों के पुनर्निर्धारण जैसे निर्णय भी शामिल हैं। सरकार का जोर अब योजनाओं के साथ जनसहभागिता को जोड़ने पर भी दिखाई दे रहा है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई। कारागार विभाग में अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को भी स्वीकृति मिली है। कैबिनेट ने खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर देने का बड़ा निर्णय लिया है। कुल 245 पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इन खिलाड़ियों को युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी जाएंगी। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत सहायक व्यायाम शिक्षकों के 35 पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया गया है। यह निर्णय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खेल के साथ रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में यह फैसला मेडिकल विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क एवं मानदेय की दरों का पुनर्निर्धारण किया गया है। खाद्य विभाग से संबंधित विधिक माप विज्ञान सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक का एक प्रमुख फैसला ‘सेवा संकल्प अभियान’ को मंजूरी देना रहा। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। अभियान की जिम्मेदारी सभी मंत्रियों को सौंपी गई है। 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ अभियान की शुरुआत प्रस्तावित है। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जनसरोकारों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सामाजिक और अन्य संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने वाली गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अलग प्लेटफॉर्म तैयार करने तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सामने रखते हुए प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत का कलश’ स्थापित करने की योजना भी है। कुल मिलाकर धामी कैबिनेट के 17 फैसले केवल प्रशासनिक मंजूरियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें रोजगार, खेल, चिकित्सा, न्यायिक व्यवस्था और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है। अब इन फैसलों की असली कसौटी इनके प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तक पहुंच में होगी।

