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डीएम विशाल मिश्रा ने तीर्थयात्रियों के लाभ के लिए केदारनाथ ट्रेक सुरक्षा और आश्रय स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के आगाज में अब महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। आगामी 22 अप्रैल को बाबा केदार के कपाट खुलने के साथ ही शुरू होने वाली इस यात्रा को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने प्रशासनिक टीम के साथ केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया।

केदारनाथ धाम इस समय सफेद चादर से ढका हुआ है। धाम परिसर में अभी भी 4 से 5 फीट तक बर्फ जमी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए धाम में 60 से अधिक श्रमिक और पैदल मार्ग पर करीब 75 मजदूर दिन-रात काम में जुटे हैं। डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य को भी समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक किया गया है। एसपी निहारिका तोमर ने बताया कि केदारनाथ में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) के जवानों और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन कैमरों और आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। बता दें कि इस वर्ष चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि देश-दुनिया से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को देवभूमि में एक सुखद और सुरक्षित आध्यात्मिक अनुभव मिले। मंदिर परिसर से लेकर पूरे ट्रेक रूट पर संचार और चिकित्सा सुविधाओं को दुरुस्त करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।