देहरादून के 33 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर खुफिया विंग की भी रही पैनी नजर, सुरक्षा कड़ी

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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( यूकेएसएसएससी) द्वारा सरकारी विभागों में पारदर्शिता और निष्पक्षता से परीक्षाएं कराने के दावे रविवार को धरातल पर मजबूत नजर आए। आयोग की ओर से वाहन चालक एवं प्रवर्तन चालक के रिक्त 72 पदों पर भर्ती के लिए लिखित प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से कड़ी सुरक्षा और हाईटेक निगरानी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। मात्र आधे घंटे की इस परीक्षा को सुरक्षित और नकलविहीन बनाने के लिए आयोग ने परीक्षा केंद्रों से लेकर मुख्यालय तक सुरक्षा का ऐसा ताना-बाना बुना कि परिंदा भी पर न मार सके।

यह लिखित परीक्षा रविवार को एकल पाली में सुबह 11:00 बजे से लेकर 11:30 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा के महत्व और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के दो प्रमुख जनपदों देहरादून और नैनीताल में कुल 33 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 13,674 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 11,050 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जबकि शेष अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल 80.81 प्रतिशत युवाओं ने परीक्षा में शामिल होकर अपनी दावेदारी पेश की। परीक्षा को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया, क्योंकि लंबे समय बाद चालक पदों पर सीधी भर्ती का मौका मिला है। आयोग ने परीक्षा में गड़बड़ी की हर गुंजाइश को खत्म करने के लिए आधुनिकतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लिया। आयोग मुख्यालय में एक अत्याधुनिक सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। इस कंट्रोल रूम में खुद आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया, सदस्य श्याम सुंदर सिंह रौतेला, सचिव एनएस डुंगडियाल और परीक्षा नियंत्रक लक्ष्मी राज चौहान पूरी टीम के साथ मुस्तैद रहे। कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर सभी 33 परीक्षा केंद्रों की एआई-सक्षम कैमरों के माध्यम से लाइव फीड आ रही थी। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले शनिवार को ही सभी केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और जैमरों का मॉक ड्रिल (सफल परीक्षण) कर लिया गया था, ताकि परीक्षा के दौरान जैमर्स पूरी तरह सक्रिय रहें और कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम न कर सके। हाईटेक सर्विलांस की वजह से परीक्षा के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते काबू पा लिया गया। लाइव निगरानी के दौरान कंट्रोल रूम ने देखा कि दो अभ्यर्थी बेहद असाधारण और संदिग्ध जैकेट पहनकर परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश कर रहे थे। एआई कैमरों की अलर्ट पर अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए। इन दोनों अभ्यर्थियों को रोककर उनकी गहनता से पुनः तलाशी ली गई और उनकी जैकेट उतरवाने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए एक परीक्षा केंद्र परिसर के भीतर खड़ी एक अनधिकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मौके से हटवाया। पारदर्शिता की नई मिसाल: परीक्षा समाप्ति के बाद आयोग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग और कड़े सुरक्षा मानकों के कारण परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हुई है। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे कड़े इंतजाम जारी रहेंगे।