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हरिद्वार में महामंथन: 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर जुटा संत समाज; सीएम धामी और शिवराज बोले-राष्ट्रहित सर्वोपरि

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हरिद्वार के ज्वालापुर मार्ग स्थित श्रीजी वाटिका में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के गंभीर विषय पर संत समाज का एक विशाल समागम आयोजित किया गया। इस महामंथन कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, योग गुरु स्वामी रामदेव और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी समेत संत समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

एक राष्ट्र, एक चुनाव के मुद्दे पर हरिद्वार में संत समाज का महामंथन हुआ। ज्वालापुर मार्ग स्थित श्रीजी वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, योग गुरु स्वामी रामदेव, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था के संभावित प्रभावों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की गति को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ देश को मजबूत करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश का समय, संसाधन और बड़ी मात्रा में धन खर्च होता है। यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जाते हैं तो इन संसाधनों का इस्तेमाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं पर किया जा सकेगा। सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। देश को लगातार चुनावी मोड में रखने के बजाय विकास की निरंतर गति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से राजनीतिक स्थिरता बढ़ने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार और प्रशासन लंबे समय तक नीतियों और विकास योजनाओं पर बिना बार-बार चुनावी व्यवधान के काम कर सकेंगे। समागम में संत समाज के वक्ताओं ने भी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के समर्थन में अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक आंदोलनों में बच्चों को शामिल किए जाने पर भी चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को आंदोलन में नहीं उतारा जाना चाहिए। कार्यक्रम में ‘वंदेमातरम’ को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि वंदेमातरम भारत माता की वंदना का प्रतीक है और इसे लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। संतों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ संविधान की भावना के अनुरूप है। उनके अनुसार, एक साथ चुनाव होने से चुनावी प्रक्रिया में लगने वाले संसाधनों की बचत होगी और इन संसाधनों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को आशंका है कि इस व्यवस्था से क्षेत्रीय मुद्दों का प्रभाव कम हो सकता है, लेकिन देशहित में व्यापक दृष्टिकोण से विचार किया जाना चाहिए। हरिद्वार में आयोजित इस समागम को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के पक्ष में संत समाज की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।