रुद्रपुर। बंगाली समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक हितों को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से 'बंगाली कल्याण समिति उत्तराखंड' ने अपनी रुद्रपुर महानगर कार्यकारिणी का भव्य विस्तार किया है। सोमवार को रुद्रपुर स्थित सिटी क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी के नेतृत्व में नई टीम की घोषणा की गई। इस दौरान समाज के सैकड़ों प्रबुद्ध जन और समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन की मजबूती और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं। युवा और सक्रिय कार्यकर्ता अर्जुन विश्वास को रुद्रपुर महानगर अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। कार्यकारिणी में असीत बाला और विनय विश्वास को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबकि दीपप्रकाश, रविन विश्वास और भानदार सरकार को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन के विधिक और प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए विश्वजीत विश्वास (एडवोकेट) को सचिव मनोनीत किया गया है। अमल मंडल व संजय हालदार को उपसचिव, कृष्णा सरकार को कोषाध्यक्ष तथा नवकुमार साना, अनुप देवनाथ और परितोष भेडल को संगठन सचिव बनाया गया है। समाज की आवाज़ को प्रमुखता से उठाने के लिए जगदीश दास व गौरंग दास को सूचना प्रभारी तथा विक्की और विकास गाइन को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने कहा कि बंगाली कल्याण समिति का मुख्य ध्येय समाज को एक मंच पर लाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "हमारा उद्देश्य केवल पद बांटना नहीं, बल्कि बंगाली समाज की समस्याओं, उनके सामाजिक मुद्दों और समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को प्रशासनिक एवं राजनैतिक पटल पर मजबूती से रखना है।" उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद के लिए सदैव तत्पर रहें। प्रदेश अध्यक्ष ने भविष्य की रणनीति साझा करते हुए बताया कि रुद्रपुर महानगर टीम के गठन के बाद अब जल्द ही जिला कमेटी, अन्य क्षेत्रों की महानगर इकाइयों और एक सशक्त महिला कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। इससे संगठन की सक्रियता जमीनी स्तर पर और अधिक बढ़ेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया और उन्हें समाज हित में निस्वार्थ भाव से कार्य करने की शपथ दिलाई गई। बैठक में समाज के वरिष्ठ जनों ने भी अपने विचार रखे और नई कार्यकारिणी को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

