उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में हुए भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं। टनल साइट पर राहत और बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री धामी ने इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के लिए चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है।
चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए मौके का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने टनल साइड पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। घायलों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी और उनके इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उपलब्ध सभी संसाधनों तथा तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य बचाव दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा। सुरंग में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बनाई जा रही टीआरटी टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। बताया गया है कि सुरंग के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के बाद पानी और मलबा भर गया। इसकी चपेट में सुरंग में काम कर रहे श्रमिक आ गए। घटना के बाद रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। बचाए गए श्रमिकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सुरंग के भीतर पानी और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑक्सीजन की कमी और लगातार मलबा आने की आशंका के बीच बचाव दल सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से पल-पल की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने घायलों को भरोसा दिलाया कि उनके इलाज और हरसंभव सहायता की व्यवस्था सरकार करेगी। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने भी राहत एवं बचाव अभियान को तेज कर दिया है। सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने से रेस्क्यू अभियान की निगरानी और समन्वय को भी और मजबूती मिली है।

