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सीएम धामी का कड़ा रुख! बोले-धमकी और तुष्टीकरण का दौर खत्म, भड़काऊ बयान देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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रुद्रपुर में सरकार के विरुद्ध कथित तौर पर भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को लोहियाहेड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में अब धमकी, दबाव और तुष्टीकरण का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में भय या दबाव का माहौल बनाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन त्वरित और कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।

सरकार के खिलाफ कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट कहा कि प्रदेश में धमकी और तुष्टीकरण का दौर अब खत्म हो चुका है। किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा और धमकी अथवा भड़काऊ बयान देकर समाज में भय या दबाव का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रशासन नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संविधान और कानून के अनुरूप काम कर रही है। सरकार की सभी नीतियां और कार्रवाई संवैधानिक प्रावधानों एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप ही आगे बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति धमकी देता है या समाज में तनाव पैदा करने वाला भड़काऊ बयान देता है तो प्रशासन ऐसे व्यक्ति को चिह्नित करेगा और उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोहियाहेड में संक्षिप्त प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस मानसिकता की बात कर रहे हैं जो संविधान को नहीं मानती और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता के जरिए लोगों को धमकाने और दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। अब प्रदेश में ऐसा माहौल स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि पहले वोट बैंक की राजनीति के कारण कई मामलों को नजरअंदाज किया जाता था। डेमोग्राफिक बदलाव जैसे संवेदनशील विषयों पर भी पर्याप्त चर्चा नहीं होती थी। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और प्रदेश में कानून का शासन सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। उत्तराखंड सरकार भी इसी भावना के साथ काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि धमकी या भड़काऊ बयान देने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले व्यक्ति को प्रशासन तलाशेगा और उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और प्रत्येक व्यक्ति के लिए कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। धामी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान किसी भी स्थिति में रुकने वाला नहीं है। सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना है। इसके लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाए। धमकी, दबाव अथवा भड़काऊ बयानों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। रुद्रपुर के कथित भाषण का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के इस बयान को सरकार की कानून-व्यवस्था और अतिक्रमण के खिलाफ चल रही नीति को लेकर स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।